गंगा की वेदना
दया तुझमें, कृपा मुझमें, माता-पिता तू ही मेरी,
मेरा मजहब, मेरा सरहद, हैं जात तू ही मेरी।
इस ज़मीन से आसमान तक
फैली विशाल धारा तेरी
थकती नही, रूकती नही ,
बहती रेहती गंगा मेरी।।
Welcome to Kahaniya in Hindi blog. You can read Motivational Hindi stories here. Gulnaaz Ruhi is the Author of Kahaniya in Hindi.
दया तुझमें, कृपा मुझमें, माता-पिता तू ही मेरी,
मेरा मजहब, मेरा सरहद, हैं जात तू ही मेरी।
इस ज़मीन से आसमान तक
फैली विशाल धारा तेरी
थकती नही, रूकती नही ,
बहती रेहती गंगा मेरी।।

गरीबी को जड़ से उखाड़कर रहूंगा
देश में रोज़गार लाकर रहूंगा
देश में उन्न्ति करके रहूंगा
किया है वादा प्रिय मोदी जी ने ।।
कौशल भारत कुशल भारत
मोदी जी का यह कदम
करेगा भारतीयों की ज़िंदगी अलग
चिंकी एक अच्छी और समझ दार लड़की है, जो की अपने स्कूल की अच्छी स्टूडेंट है,
चिंकी अपनी क्लास में नई आई थी, सब बच्चे चिंकी का मज़ाक उड़ाते थे!
ऐसे ही कुछ दिन बीतते गए और क्लास के बच्चे चिंकी का मज़ाक उड़ाते, एक दिन चिंकी की टीचर,
ने चिंकी को अपने पास बुलाया, और चिंकी को क्लास का मॉनिटर बनाया!
चिंकी मॉनिटर बनकर बहोत खुश हुवी, ऐसे ही दिन बीतते गये!
एक दिन क्लास में चिंकी की टीचर ने, चिंकी से कहाँ में प्रिंसिपल के ऑफिस जा रही हूँ!
तुम स्टूडेंट का धयान रखना कोई भी, स्टूडेंट शोर ना करे और ना ही कोई शरारतें करे!
टीचर के बाहर जाने के बाद सारे स्टूडेंट चिंकी को, बहोत परेशान करने लगे सारे स्टूडेंट आपस में
जोर जोर से बात करते और काफ़ी शोर करते, चिंकी उन्हें शोर करने से रोकती लेकिन वह नहीं मानते!
ऐसे ही करते करते दो सप्ताह बीत गये, टीचर को फिर किसी काम से बाहर जाना पड़ा!
टीचर ने चिंकी से कहाँ में लायब्रेरी जा रही हूँ,
तुम क्लास के स्टूडेंट्स का धयान रखना जो भी स्टूडेंट शोर करे
उसका नाम सामने ब्लैक बोर्ड पर लिख लेना, चिंकी ने टीचर की बात मानी, और शोर करते स्टूडेंट
का नाम सामने ब्लैक बोर्ड पर लिख लिया, जब टीचर वापस क्लास में आई तो उन्होंने शोर करते स्टूडेंट के
नाम ब्लैक बोर्ड पर लिखें देखें, और उन सब स्टूडेंट को हाथ ऊपर कर के खड़ा कर दिया!
कुछ दिन बाद क्लास स्टूडेंट ने, चिंकी से बात करना बंद कर दिया,
क्योकि चिंकी उनका नाम लिख कर उनको पानीश मेन्ट दिलवाती थी,
एक दिन चिंकी अपने कमरे में बहोत उदास बैठी थी!
तभी चिंकी की माँ ने उससे पूछा, चिंकी बेटा क्या हुवा इतनी उदास क्यों बैठी हो!
तभी चिंकी ने अपनी माँ को सारी बात बताते हुवे कहाँ, मुझे क्लास मॉनिटर नहीं
बनना में कल ही टीचर से मना कर दूंगी, तभी चिंकी की माँ ने चिंकी को समझाया!
बेटा इतनी जल्दी हार नहीं मानते, कोई और उपाये सोचते है!
अगले दिन जब चिंकी स्कूल गई तो, उसने क्लास स्टूडेंट से बात की
तुम मुझसे इसलिए बात करना पसंद नहीं करते, क्योकि में तुम्हारा नाम ब्लैक बोर्ड पर लिखती हूँ!
और फिर ये सब नाम देख कर टीचर तुम्हे, पानीश करती है, चिंकी स्टूडेंट को एक बात समझाती है!
अगर तुम सब क्लास मे धीरे-धीरे बात करोगे तो शोर कम होगा, और किसी को कोई परेशानी भी
नहीं होंगी, और ना ही तुम्हारा नाम ब्लैक बोर्ड पर लिखा जाएगा, सब स्टूडेंट ने चिंकी की बात मानी,
और सब चिंकी से बात करने लगे! अब चिंकी बहोत खुश थी!