Welcome to Kahaniya in Hindi blog. You can read Motivational Hindi stories here. Gulnaaz Ruhi is the Author of Kahaniya in Hindi.
दया तुझमें, कृपा मुझमें, माता-पिता तू ही मेरी,
मेरा मजहब, मेरा सरहद, हैं जात तू ही मेरी।
इस ज़मीन से आसमान तक
फैली विशाल धारा तेरी
थकती नही, रूकती नही ,
बहती रेहती गंगा मेरी।।